निमोनिया वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकता है यह हवा में मौजूद रोगाणुओं के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है l

निमोनिया चार चरणो में होता है कंजेशन, रेड हेपेटाइजेशन, ग्रे हेपेटाइजेशन और रेजोल्यूशन जैसे लक्षणों के साथ प्रकट होता है l

निमोनिया होने के लक्षण होते हैं जैसे खांसी आना, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, सीने में दर्द, थकान, रंग में बदलाव आदि लक्षण होते हैं l

निमोनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित फेफड़ा को करता है, जिसे हम एल्वियोली भी करते हैं या मवाद से भर जाता है और सांस लेने में कठिनाई होने लगती है l

गंभीर निमोनिया होने पर फेफड़ों के वायु कोशिकाओं मैं होने वाला एक संक्रमण के कारण शरीर में सूजन, तेज बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ समस्याएं होती हैं l

निमोनिया में किस चीजों का परहेज करें जैसे ठंडी चीजों, दूध और डेयरी उत्पाद, तले हुए खाद्य पदार्थ, शराब और एलर्जी खाद पदार्थ जैसे चीजों का इस्तेमाल न करें l

निमोनिया में बीमार लोगों के निकट संपर्क से बचे और भीड़ भाड़ वाले जगहो पर न जाए खासते या छींकते समय लोगों से दूरी बनाए l

निमोनिया में स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम और भरपूर नींद आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में काफी मदद करती है l

अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति देखते हुए सही टाइम पर टीकाकरण की सिफारिशों के लिए डॉक्टर से सलाह ले l

निमोनिया के इलाज के लिए सबसे अच्छा दवा रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है, जो परहेज पर निर्भर होता है वही सबसे अच्छा दवा होता है l

All Images : Pinterest