Karva Chauth Puja Samagri – भारत के हिन्दू धर्म में करवा चौथ का अपना एक विशेष स्थान है। यह पर्व विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ की पूजा विधि में कई पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो पूजा को पूर्णता और शुभता प्रदान करती है। सही पूजा सामग्री का चयन करना न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि मानसिक संतुष्टि के लिए भी आवश्यक होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ पूजा सामग्री की पूरी सूची…
करवा चौथ पूजा सामग्री लिस्ट (Karva Chauth Puja Samagri)

करवा चौथ पूजा व्रत रखेने के लिए कई तरह की सामग्रियों की आवश्यकता पड़ती है, जो इस प्रकार है।
करवा (मिट्टी या धातु का कलश)
यह छोटा कलश मिट्टी, पीतल या स्टील का होता है। पूजा करते समय इसमें पानी या दूध भरकर पूजा में रखा जाता है।
पूजा के बाद यह सुहागिन महिलाओ को भेंट किया जाता है।
चलनी (छलनी)
करवा चौथ पूजा में चलनी का इस्तेमाल चंद्रमा को देखने और पति के दर्शन के समय किया जाता है।
यह करवा चौथ पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे महिलाएं व्रत खोलती हैं।
दीपक और रूई की बाती
करवा चौथ पूजा में रुई की बाती से दीप जलाना शुभ माना जाता है।
इसके लिए घी या तेल का दीपक और रूई की बाती आवश्यक होती है।
रोली और चावल
रोली (कुमकुम) और अक्षत (चावल) पूजा में तिलक लगाने और अर्पित करने के लिए जरूरी हैं।
ये दोनों शुभता के प्रतीक हैं। किसी भी तरह के पूजा में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
सिंदूर
करवा चौथ में सिंदूर बहुत आवश्यक होता है, क्योकि सिंदूर सुहाग का प्रतीक होता है।
इसका इसतेमाल पूजा में और महिलाएं मांग भरने के लिए करती है।
मेहंदी
करवा चौथ व्रत के दिन महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगाती हैं, क्योकि मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है।
मेहंदी लगाना महिलाओ के लिए शुभता और प्रेम का संकेत होता है।
फूल और माला
पूजा स्थल को सजाने और देवी-देवताओं को अर्पित करने के लिए फूलों का प्रयोग किया जाता है।
फल और मिठाई
पूजा में फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है।
इसको व्रत खोलने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
पानी का लोटा
करवा चौथ पूजा होने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए पानी का लोटा जरूरी है।
धूप और अगरबत्ती
पूजा के दौरान वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाने के लिए धूप व अगरबत्ती जलाई जाती है।
सोलह श्रृंगार की सामग्री
इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, जिसमें बिंदी, चूड़ियाँ, पायल, काजल, बिछुआ, नथ आदि शामिल होते हैं।
चुनरी या साड़ी
करवा चौथ पूजा के समय नई या साफ साड़ी/चुनरी पहनना शुभ माना जाता है।
थाली और कलश सजाने का सामान
पूजा थाली को रोली, चावल, फूल, मिठाई आदि से अच्छे से सजाया जाता है।
कलश पर मौली (कलावा) बांधा जाता है।
कथा पुस्तक
करवा चौथ व्रत कथा सुनने के लिए कथा पुस्तक बेहद आवश्यक होता है।
पूजा सामग्री का महत्व

पूजा करने के लिए हर सामग्री का अपना विशेष महत्व होता है।
- करवा पति के जीवन में स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है।
- चलनी से चंद्रमा और पति को देखना व्रत की पवित्रता को दर्शाता है।
- दीपक जीवन में उजाला और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
- सोलह श्रृंगार महिला के सौभाग्य और सुहाग की रक्षा का प्रतीक है।
- फूल, फल और मिठाई भगवान को प्रसन्न करने के लिए अर्पित किए जाते हैं।
पूजा सामग्री का उपयोग
पूजा के समय थाली में सभी सामग्री सजा लें। पहले करवा में पानी भरकर उसे पूजा स्थल पर रखें। दीपक जलाएं, सिंदूर, रोली और चावल से तिलक करें। कथा सुनें, फूल और मिठाई अर्पित करें। चंद्रमा निकलने पर चलनी से चंद्रमा और फिर पति को देखें, अर्घ्य दें और व्रत खोलें।
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