Bar Bar Peshab Rokne Se Kya Hota Hai – क्या आपको पता है, कि बार-बार पेशाब रोकने से आपकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है? आज हम आपको इस समस्या के बारे में विस्तार से बताएंगे। बार-बार पेशाब रोकने से ब्लैडर पर दबाव पड़ता है, जिससे कई अनेक समस्याएं पैदा हो सकती है। जैसे- मूत्र पथरी, मूत्र की कमजोरी, यूरिनरी ट्रैक्ट, इनफेक्शन, UTI किडनी को नुकसान पहुंचाना तथा मूत्राशय की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। जिससे समय के साथ पेशाब को नियंत्रित करने में असफल हो सकता है और यह अधिक मुश्किलें पैदा कर सकता है।
पेशाब रोकने से होने वाली समस्याएं (Bar Bar Peshab Rokne Se Kya Hota Hai)

किडनी को नुकसान पहुंचाना
पेशाब को अधिक समय तक रोकने से किडनी पर प्रेशर पड़ता है, जिससे उसकी कार्य करने की क्षमता कमजोर हो जाती है और किडनी में पथरी का खतरा होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसके अलावा गंभीर मामलों में गुर्दे की बीमारी भी हो सकती है।
मूत्राशय की कमजोरी होना
अधिक समय तक पेशाब रोकने से मूत्राशय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पेशाब करने में अधिक कठिनाइ होती है और वह पेशाब को एकत्रित करने में अनेक प्रकार की कठिनाइयां उठानी पड़ती है।
मूत्राशय में होने वाला संक्रामक बीमारी
पेशाब अधिक समय तक रोकने से मूत्राशय में बैक्टीरिया पनपने लगती है, जिससे संक्रमण होने की संभावना होती है। इसका लक्षण जलन, बार-बार पेशाब आना और बुखार आना भी हो सकता हैं।
मूत्राशय का फटना
पेशाब को बार-बार रोकते रहने पर मूत्राशय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और गंभीर मामलों में मांसपेशियों का खिंचाव हो जाता है, जिससे मूत्राशय के फटने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
अतिसंयम मूत्राशय का होना
इसका यह मतलब है, कि पेशाब को बार-बार रोकने से सिंगलिंग तंत्र में बदलाव आ सकता है, जिससे बार-बार पेशाब करने की इच्छा जागृत होती है और कभी-कभी पेशाब बूंद बूंद करके अपने आप निकलने लगता है। और आपको पता भी नहीं चलेगा तथा असंयम की समस्या बढ़ जाती है
डॉक्टर क्या कहते हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि पेशाब रोकना कभी-कभी जरूरी हो सकता है, लेकिन इसे बार-बार करना सही नहीं। मूत्राशय को नियमित रूप से खाली रखना चाहिए। यदि पेशाब रोकने की आदत बनी हुई है, तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है।
समाधान

- अधिक से अधिक पानी पिए ताकि मूत्राशय पूरी तरह से खाली हो सके।
- बार-बार पेशाब होने की इच्छा को नजर अंदाज न करें नहीं तो समस्या बढ़ सकती हैं।
- जब भी पेशाब लगे, तुरंत टॉयलेट जाएं।
- सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सुथरे टॉयलेट का उपयोग करें।
- पेशाब रोकने की आदत को छोड़ने की कोशिश करें।
यदि आपके यूरिनरी ब्लैडर में किसी भी प्रकार की असुविधा या दर्द महसूस होता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें आपको बुखार या पीठ दर्द जैसे अन्य लक्षण भी दिखाई दे तो भी उसे नजर अंदाज न करें।
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